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लखनऊ संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGIMS), लखनऊ के एंडोक्राइन सर्जरी विभाग के लिए यह गौरव का विषय है कि रोबोटिक थायरॉइड सर्जरी पर किए गए शोध को AMASICON 2026 में Best Paper Award में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह वार्षिक सम्मेलन Association of Minimal Access Surgeons of India (AMASI) द्वारा कोलकाता में 27 से 30 अगस्त 2026 तक आयोजित किया गया।
पुरस्कार प्राप्त शोध का शीर्षक है:
“Comparative Outcomes Analysis of 170 Robotic Thyroidectomies Using Transoral (TORT) and Bilateral Axillo-Breast (BABA) Approaches from a Single Centre in North India.”
इस अध्ययन में थायरॉइड की रोबोटिक सर्जरी की दो आधुनिक remote-access तकनीकों—Transoral Robotic Thyroidectomy (TORT) तथा Bilateral Axillo-Breast Approach (BABA)—की सुरक्षा, सर्जिकल परिणामों और तकनीकी व्यवहार्यता की तुलना की गई।
यह एक prospective अध्ययन था, जिसमें कुल 170 मरीजों को शामिल किया गया। इनमें 115 मरीजों में BABA तथा 55 मरीजों में TORT तकनीक का उपयोग किया गया। अध्ययन में ऑपरेशन एवं console time, open surgery में conversion, vocal-cord paralysis, postoperative hypoparathyroidism, hospital stay, specimen characteristics तथा cosmetic satisfaction जैसे महत्वपूर्ण परिणामों का मूल्यांकन किया गया।
अध्ययन में दोनों तकनीकों को सुरक्षित एवं तकनीकी रूप से व्यवहार्य पाया गया तथा किसी भी मरीज में conversion की आवश्यकता नहीं पड़ी। TORT में operative/console time कम पाया गया, जबकि BABA के माध्यम से अपेक्षाकृत बड़े specimen को निकालना संभव हुआ। अध्ययन के अनुसार, बड़े nodules, retrosternal extension तथा lateral neck dissection की आवश्यकता वाले चयनित मरीजों में BABA विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है। दोनों समूहों में permanent hypoparathyroidism अथवा permanent vocal-cord palsy नहीं पाया गया तथा cosmetic outcome उत्कृष्ट रहा।
इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मान से SGPGIMS में विकसित हो रही Robotic Endocrine Surgery की अकादमिक एवं चिकित्सकीय क्षमता को महत्वपूर्ण पहचान मिली है। यह अध्ययन उत्तर भारत से remote-access robotic thyroid surgery के क्षेत्र में महत्वपूर्ण clinical data भी प्रस्तुत करता है।
डॉ. ज्ञान चंद, प्रोफेसर, एंडोक्राइन सर्जरी विभाग, SGPGIMS, ने इस उपलब्धि पर अपने मरीजों, सहकर्मियों, रेजिडेंट्स, फेलोज, ऑपरेशन थिएटर एवं नर्सिंग टीम तथा सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक रोबोटिक तकनीकों को अपनाते समय उचित patient selection, surgical expertise, structured training तथा outcome assessment अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
यह उपलब्धि SGPGIMS के एंडोक्राइन सर्जरी विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण अकादमिक मील का पत्थर है और मिनिमली इनवेसिव एवं रोबोटिक एंडोक्राइन सर्जरी में नवाचार, शोध, प्रशिक्षण तथा evidence-based surgical care के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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